Zindagi Ka Safar

ज़मीन से यूं फलक को तकता है
मंज़िल तेरी और तारों से रस्ता पूछता है?

On Failure

Do something. Do anything. Just get started!

Shayari- III

अजीब दास्तां थी वो मेरे ज़िंदगी की यारो
दास्तान-ए-मुहब्बत ही मुझे समझने दो||

Dear You- I

Life goes on and although you may fail to realise this now, but one day everything will make sense. Everything!

Raahguzar

ऐसी राह पर निकल पड़ा हूं
जिसकी मंज़िल की मुझको ख़बर भी नहीं|

For ever

I want to leave a little of me in all the things that I do.

Ek Tara

चांद खूबसूरत है
परंतु नज़रों से उतरते ही अंधेरों से लिपट जाता है
इसलिए मैं तुम्हारे आसमां का चांद नहीं बनना चाहता